बीता वर्ष संघर्षों की कहानी था, ⏳
पर उसमें स्वर्णिम पृष्ठ भी जुड़े हैं। ✨📖
जहाँ पसीने ने इतिहास रचा, 💦📜
वहीं उपलब्धियों के दीप भी जले हैं। 🪔🌟

धूप ने तपाया शहर-गाँव, ☀️🏙️🌾
हवा में प्रश्न, ज़मीन पर भार था, 🌬️❓🌍
फिर भी हर टूटे हौसले के बीच
भारत खड़ा रहा — अडिग, तैयार था। 🇮🇳💪

किसानों की मेहनत मिट्टी बनी, 🌾🤲
युवाओं के सपने दिशा बने, 👩‍🎓👨‍🎓➡️
आकाश छूते रॉकेट ने बताया 🚀
कि आत्मनिर्भरता के पंख सजे। 🕊️✨

कभी कठिनाई ने रास्ता रोका, ⛔
कभी धैर्य की हुई परीक्षा, ⏱️🔥
पर हर बार समय ने माना—
यह देश नहीं जानता निराशा। 🌈

भेद की रेखाएँ खींची गईं, ⚡➖
शब्दों में विष, विचारों में आग, 🗣️☠️🔥
पर संकट में जब देश पुकारा, 🚨
तो एक हुआ हर दिल, हर भाग। 🤝❤️

आज पीछे देखें तो गर्व है, 🌟
कि हमने हार नहीं स्वीकार की, ✊
और आगे देखें तो विश्वास है, 👀✨
कि सुबह अभी पूरी उतरी नहीं। 🌅

नया वर्ष दस्तक दे रहा है, 🚪🎉
नई आशाएँ, नया संकल्प लिए, 🌱📜
बीते कल से सीखे सबक संग
हम भविष्य गढ़ने चले। 🛤️🔨

यह भारत केवल सहने वाला नहीं,
यह उठकर बदलने की शक्ति है, ⚡🔥
हर अंधेरे के बाद उजाला— 🌌➡️🌞
यही इसकी सबसे बड़ी भक्ति है। 🪔🇮🇳

थके हैं, पर टूटे नहीं, 😌💪
रुके हैं, पर झुके नहीं, 🛑🚫🙇‍♂️
आने वाला वर्ष कह रहा है— 📣✨
भारत, तेरी उड़ान अभी रुकी नहीं। 🕊️🚀🇮🇳